Headache Meaning in Hindi: सिरदर्द से हैं परेशान? जान लीजिये इसका कारण

 


सिरदर्द एक बेहद ही कॉमन समस्या है, जिसका अनुभव प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में कभी न कभी करता ही है। हाँ, सभी में इस तकलीफ के कारण अलग-अलग हो सकते हैं। रोजाना के जीवन में होने वाली घटनाएं, तनाव, चिंता, भागदौड़ व अन्य कारणों से सिरदर्द हो सकता है। तो वहीं कई बार कुछ बीमारियों में यह परेशानी एक लक्षण के रूप में सामने आती है। हालांकि, ज्यादातर मामलों में सिरदर्द (Headache Meaning in Hindi) में घबराने की जरूरत नहीं होती और घरेलू उपचार से ही यह ठीक हो जाता है लेकिन कुछ मामलों में मेडिकल हेल्प की जरूरत पड़ती है। 


सिरदर्द (Headache Meaning in Hindi) के प्रकार

सिर दर्द के कारण को समझने के लिए इसके प्रकारों को समझना आवश्यक है, जो निम्नलिखित हैं- 

टेंशन टाइप हेडेक (Headache Meaning in Hindi)

यह सिरदर्द का सबसे आम प्रकार है, जो सामान्य आबादी के तीन-चौथाई लोगों को प्रभावित करता है। तनाव-प्रकार के सिरदर्द को पहले मांसपेशी संकुचन सिरदर्द कहा जाता था क्योंकि यह गर्दन, चेहरे और जबड़े की मांसपेशियों से जुड़ा होता है। 2020 के एक अध्ययन में यह पाया गया कि टेंशन टाइप हेडेक का तनाव से सबसे ज्यादा गहरा संबंध है।

इस अवस्था में व्यक्ति को ऐसा महसूस होता है, जैसे उसके सिर को किसी चीज से बांध दिया गया हो। साथ ही इसमें सिर के दोनों तरफ लगातार और हल्का दर्द  होता है, जो धीरे-धीरे गर्दन तक फैल जाता है। यह सिरदर्द (Headache Meaning in Hindi) कुछ घंटों या फिर कई दिनों तक भी रह सकता है। जब टीटीएच कम से कम 3 महीने तक प्रति माह 15 या अधिक दिनों तक हो, तब उसे क्रोनिक माना जाता है।

सिरदर्द 

माइग्रेन

माइग्रेन वैश्विक स्तर पर सिरदर्द होने का तीसरी प्रमुख कारण है। इसकी शुरुआत सिर के एक किनारे से होती है, जो धीरे-धीरे पूरे सिर में फैल सकता है। इस बीमारी का असर व्यक्ति के जीवन और उसके रोज के कार्यों पर पड़ सकता है। 

मेडिकेशन ओवरयूज हेडेक (Headache Meaning in Hindi)

इसे रिबाउंड और दवा-दुरुपयोग सिरदर्द के रूप में भी जाना जाता है। यह प्रकार उन लोगों में होता है, जो अपने सिरदर्द के इलाज के लिए अक्सर दवाइयां लेते हैं। इनके कारण माइग्रेन की घटनाएं अधिक और पहले की तुलना में ज्यादा गंभीर हो सकती हैं। इस अवस्था में दवाइयां लक्षणों को कम करने की बजाय, सिरदर्द (Headache Meaning in Hindi) बढ़ाने का कारण बनती हैं। ऐसे में गर्दन में दर्द, बेचैनी, नाक बंद होना, नींद की गुणवत्ता में कमी व अन्य लक्षण भी नजर आते हैं। 

क्लस्टर सिरदर्द (Headache Meaning in Hindi)

यह सिरदर्द आमतौर पर 15 मिनट से 3 घंटे के बीच रहता है और प्रतिदिन 1 से 8 बार तक हो सकता है। क्लस्टर सिरदर्द अक्सर 4-12 सप्ताह तक उत्पन्न होता है और फिर गायब हो जाता है। इस तरह का सिरदर्द लगभग एक ही समय पर होता है, जो हर किसी को कभी न कभी परेशान करता है। 

इसके अलावा अन्य कारण भी हैं सिरदर्द (Headache Meaning in Hindi) के लिए जिम्मेदार

  1. कम नींद: अक्सर नींद की कमी या खराब नींद की गुणवत्ता सिरदर्द का कारण बन सकती है।
  2. कैफीन: कैफीन का अत्यधिक सेवन सिरदर्द दे सकता है। वहीं अगर व्यक्ति अचानक से इसका सेवन बंद कर दे, तो भी सिर में दर्द शुरू हो जाता है।
  3. शराब: सिर दर्द के कारण और उपाय में शराब का जिक्र करना आवश्यक है। ज्यादा शराब पीने से सिरदर्द हो सकता है और अगर इस तकलीफ से बचना है, तो शराब के सेवन से परहेज करना जरूरी है।  
  4. मौसम में बदलाव: अक्सर गर्मी से ठंड या ठंड से अचानक गर्मी होने पर व्यक्ति के सिर में दर्द (Headache Meaning in Hindi) शुरू हो जाता है।
  5. बीमारियां: सिरदर्द के कारण में उच्च रक्तचाप, साइनस संक्रमण या मधुमेह जैसी बीमारियां भी शामिल हैं।

सिरदर्द के लक्षण ( Symptoms of a headache)

कारण और प्रकारों के आधार पर सिरदर्द के लक्षण भी अलग-अलग हो सकते हैं, जैसे-
  • सिर में हल्का या तेज दर्द
  • सिर, गर्दन या कंधों में जकड़न या तनाव
  • मतली या उल्टी
  • प्रकाश या ध्वनि के प्रति संवेदनशीलता
  • भूख कम लगना
  • एकाग्रता में कठिनाई

सिरदर्द का इलाज (Headache Treatment)

सिरदर्द के कारण और प्रकार के आधार पर निम्नलिखित तरीकों से इस समस्या का इलाज (Treatment for Headache) किया जा सकता है- 

  • दवाइयां: अगर टेंशन टाइप हेडेक है, तो इसके लिए एसिटामिनोफेन, एस्पिरिन जैसी दर्द निवारक दवाइयां दी जाती हैं। इसके अलावा इबुप्रोफेन भी सिरदर्द से आराम देने में मदद करता है। 
  • एंटी-डिप्रेसेंट: कुछ प्रकार के सिरदर्द, जैसे कि माइग्रेन के इलाज के लिए एंटी-डिप्रेसेंट दवाइयों का इस्तेमाल किया जाता है।
  • ब्लड प्रेशर की दवाइयां: यदि उच्च रक्तचाप सिरदर्द  (Headache Meaning in Hindi) का कारण है, तो ऐसे में बीपी की दवाइयां नियमित रूप से लेना जरूरी है। 
  • फिजियोथेरेपी: यदि गर्दन या कंधों में तनाव के कारण सिरदर्द होता है, तो फिजियोथेरेपी मददगार साबित हो सकती है।

सिरदर्द का घरेलू उपचार (Headache Treatment at Home)

अगर किसी गंभीर बीमारी के कारण सिरदर्द न हो, तो ऐसे में घर पर ही कुछ आसान तरीकों को अपनाकर इस समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है-
  • आराम: अगर दर्द ज्यादा हो, तो थोड़ी देर शांत और अंधेरे कमरे में लेटकर आराम करें। इससे कुछ ही देर में दर्द से राहत मिल जायेगी। 
  • ठंडी सिकाई: माथे पर ठंडे पानी की पट्टी लगाने से सिरदर्द कम हो सकता है।
  • पानी का सेवन: कई बार निर्जलीकरण यानी शरीर में पानी की कमी सिरदर्द (Headache Meaning in Hindi) का कारण बन सकती है, ऐसे में खूब सारा पानी पीने से यह तकलीफ कम हो सकती है।
  • कैफीन: कुछ लोगों को सिरदर्द में कैफीन के सेवन से आराम मिलता है। 
  • मालिश: सिर, गर्दन और कंधों की मालिश करने से मांसपेशियों का तनाव कम हो सकता है और सिरदर्द से आराम मिल सकता है।

निष्कर्ष (Conclusion)

सिरदर्द (Headache Meaning in Hindi) साामान्य और गंभीर दोनों हो सकता है लेकिन जो लोग बार-बार इस समस्या का सामना कर रहे हैं, उन्हें बिना देरी किये अपनी जाँच करानी चाहिये। हो सकता है यह दर्द बीपी या माइग्रेन जैसी बीमारियों का संकेत हो। जितनी जल्दी सिरदर्द के कारण का पता चलेगा, इससे निजात पाना उतना ही आसान होगा। इसीलिए, देरी न करें।

FAQ


सवाल- क्या सिरदर्द होना किसी बीमारी का संकेत है

अगर सिरदर्द लगातार हो, तो यह बीमारी का संकेत हो सकता है, जैसे उच्च रक्तचाप, माइग्रेन आदि।

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