Cardiac Arrest Meaning in Hindi- इन 6 रिस्क फैक्टर्स से रहें सावधान!

 

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आजकल अक्सर ऐसे मामले सामने आते हैं जहाँ 10 मिनट पहले तक एक व्यक्ति सबके साथ हंसता हुआ एवं बातें करता हुआ नजर आता है लेकिन फिर अचानक से कुछ ऐसा होता है, जिससे चंद मिनटों के अंदर ही उसकी मौत हो जाती है। आपने भी ऐसी कई घटनाएं जरूर सुनी होंगी, है ना? जब इसका कारण जानने की कोशिश की जाती है तो पता चलता है कि उस व्यक्ति को सडेन कार्डियक अरेस्ट (Cardiac Arrest Meaning in Hindi) हुआ था। यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें व्यक्ति का हृदय अचानक से काम करना बंद कर देता है और कुछ ही सेकेंड या मिनटों के अंदर उसकी मौत हो जाती है। 




इस बारे में हृदय रोग विशेषज्ञ, डॉ. कुश कुमार भगत बताते हैं कि जब व्यक्ति के दिल की धड़कन अचानक बहुत ज्यादा बढ़ जाती है तो इस कारणवश हार्ट की पम्पिंग क्षमता प्रभावित होने लगती है। इसके कारण शरीर के सभी अंगों तक रक्त की आपूर्ति सही मात्रा में नहीं हो पाती है और अचानक व्यक्ति की मौत हो जाती है। इस अवस्था को ही सडेन कार्डियक अरेस्ट (Cardiac Arrest Meaning in Hindi) कहते हैं। 

कार्डियक अरेस्ट (Cardiac Arrest Meaning in Hindi) में नजर आते हैं ये लक्षण के लक्षण

  1. अचानक से गिर जाना या बेहोश हो जाना
  2. सांस न लेना या फिर सांस लेने में बहुत ज्यादा कठिनाई होना
  3. चिल्लाने या हिलाने पर व्यक्ति द्वारा कोई प्रतिक्रिया न देना
  4. पल्स न मिलना

कार्डियक अरेस्ट (Cardiac Arrest Meaning in Hindi) के रिस्क फैक्टर्स 

कई ऐसी बीमारियां व आदतें हैं, जो व्यक्ति में कार्डियक अरेस्ट का खतरा बढ़ा देती हैं, जैसे-

1. हृदय संबंधी बीमारियां

कोरोनरी हार्ट डिजीज, दिल की धड़कन का अनियमित होना, हार्ट अटैक, एनजाइना, जन्मजात हृदय रोग, हार्ट इंफ्लेमेशन, हार्ट फेलियर, ये कुछ ऐसी गंभीर बीमारियां है, जिसमें दिल बहुत ज्यादा कमजोर हो जाता है। इसके कारण व्यक्ति को कभी भी सडेन कार्डियक अरेस्ट (Cardiac Arrest Meaning in Hindi) हो सकता है। 

2. उम्र

वैसे तो उम्र बढ़ने के साथ-साथ व्यक्ति में सडेन कार्यिडक अरेस्ट का खतरा बढ़ जाता है लेकिन आजकल युवा पीढ़ी भी इस जानलेवा परिस्थिति का शिकार हो रही हैं। युवाओं में इसका मुख्य कारण है जेनेटिक, अनियमित दिल की धड़कन, हार्ट की बनावट में कोई खराबी होना, कोरोनरी आर्टरी डिजीज व अन्य। वहीं बुजुर्गों में कोरोनरी आर्टरी डिजीज एवं अन्य हृदय संबंधी बीमारियां कार्डियक अरेस्ट (Cardiac Arrest Meaning in Hindi) के खतरे को बढ़ा देती हैं। 

3. लिंग

एक अध्ययन की मानें तो महिलाओं की तुलना में पुरुषों में सडेन कार्डियक अरेस्ट का खतरा ज्यादा होता है। मेनोपॉज के बाद महिलाओं में इसका जोखिम ज्यादा बढ़ जाता है। 

4. फिजिकल स्ट्रेस

वैसे तो नियमित रूप से व्यायाम करना कार्डियक अरेस्ट के खतरे को कम करता है लेकिन जो लोग रोजाना एक्सरसाइज नहीं करते और अचानक से बहुत अधिक शारीरिक गतिविधियां करने लगते हैं, उनमें भी कार्डियक अरेस्ट का खतरा बढ़ जाता है। आंकड़ों के अनुसार 20 में से 2 कार्डियक अरेस्ट के मामले बहुत ज्यादा फिजिकल एक्सर्जन या स्ट्रेस के कारण होते हैं।

5. शराब का सेवन

नियमित रूप से शराब का सेवन भी सडेन कार्डियक अरेस्ट (Cardiac Arrest Meaning in Hindi)  के जोखिम को बढ़ा देता है। आंकड़ों की मानें तो 20 में से 3 कार्डियक अरेस्ट के मामले शराब के सेवन के कारण होते हैं।

6. दवाईयां

कुछ एंटीबायोटिक्स, मूत्रवर्धक और हृदय संबंधी दवाईयों के कारण एरिदमिया और भी ज्यादा गंभीर रूप ले सकती है और ये सडेन कार्डियक अरेस्ट का कारण बन सकती है। 

कार्डियक अरेस्ट (Cardiac Arrest Meaning in Hindi) का परीक्षण

वैसे तो ज्यादातर मामलों में कार्डियक अरेस्ट में व्यक्ति की जान चली जाती है, जिसके कारण उसके परीक्षण का समय ही नहीं मिलता। वहीं अगर व्यक्ति की जान बच जाती है, तो कार्डियक अरेस्ट के कारणों का पता लगाने के लिए उसकी निम्नलिखित जाँच की जाती है- 

1. ब्लड टेस्ट

एंजाइम की जाँच करने के लिए व्यक्ति का ब्लड टेस्ट किया जाता है ताकि यह पता लगाया जा सके कि व्यक्ति को कहीं हार्ट अटैक तो नहीं आया था। इसके अलावा ब्लड टेस्ट से शरीर में कोलेस्ट्रॉल, मिनरल्स एवं केमिकल के स्तर का भी पता लगाया जाता है।

2. छाती का एक्स-रे

हृदय और रक्त वाहिकाओं के आकार की जांच के लिए यह परीक्षण किया जाता है।

3. कोरोनरी एंजियोग्राफी

कार्डियक अरेस्ट (Cardiac Arrest Meaning in Hindi) होने पर हृदय की रक्त वाहिकाओं की जांच के लिए एक्स-रे इमेजिंग का उपयोग करके यह परीक्षण किया जाता है।

4. इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (ईसीजी)

विद्युत प्रवाह का उपयोग करके हृदय की गति और लय की जांच करने के लिए ईसीजी की जाती है ताकि कार्डियक अरेस्ट का कारण जन्मजात रोग है या हार्ट अटैक, इसका पता लगाया जा सके। 

5. इकोकार्डियोग्राम

हृदय के क्षतिग्रस्त हिस्से की जांच के लिए यह परीक्षण किया जाता है। इस प्रक्रिया के दौरान, डॉक्टर हृदय की छवि खींचने के लिए ध्वनि तरंगों का उपयोग करते हैं।

कार्डियक अरेस्ट (Cardiac Arrest Meaning in Hindi) में सीपीआर और एईडी की भूमिका

किसी व्यक्ति को अगर सडेन कार्डियक अरेस्ट हो जाये, तो निम्नलिखित 2 तरीकों की मदद से तुरंत उसकी जान बचायी जा सकती है- 

1. सीपीआर

कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें मरीज की छाती को हथेलियों की मदद से बार-बार दबाया जाता है ताकि दिल रक्त को फिर से पंप कर सके और शरीर के सभी अंगों तक रक्त का प्रवाह दोबारा शुरू हो जाये। 

2. ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफ्रिबिटेलटर (एईडी)

कार्डियक अरेस्ट (Cardiac Arrest Meaning in Hindi) होने पर  एईडी मशीन को मरीज के हृदय के समीप लगाकर उसे शॉक दिया जाता है ताकि मरीज के हृदय की गति फिर से कार्य करना शुरू कर दे और मरीज को अस्पताल ले जाने का समय मिल जाये।

निष्कर्ष (Conclusion)

कार्डियक अरेस्ट में मरीज अगर एक बार अस्पताल पहुँच जाये, तो फिर कई तरीकों से उसका इलाज किया जा सकता है। एरिदमिया को कंट्रोल करने के लिए डॉक्टर मरीज को दवाईयां दे सकते हैं। साथ ही भविष्य में कार्डियक अरेस्ट (Cardiac Arrest Meaning in Hindi) को रोकने के लिए मरीज को बीटा-ब्लॉकर्स, रक्त पतला करने वाली दवाईयां, नाइट्रेट आदि दी जा सकती हैं। इसके अलावा कोरोनरी एंजियोप्लास्टी व कोरोनरी बाइपास सर्जरी से भी कार्डियक अरेस्ट का इलाज संभव है।

Reference

1.  Bhagat, K, K., 2023. अचानक कार्डियक अरेस्ट आने के कारण. Available at:(Accessed: 7 September 2023)

2.  NIH, 2022.Causes and Risk Factors (2022). Available at: (Accessed: 7 September 2023).

3. Yow, A., Rajasurya, V. and Sharma, S., 2022. Sudden Cardiac Death, Available at: (Accessed: 7 September 2023).

4. NIH, 2022. What Is Cardiac Arrest? Available at: (Accessed: 7 September 2023).






  कार्डियक अरेस्ट (Cardiac Arrest Meaning in Hindi) के लक्षण क्या हैं?  
   

अचानक से गिर जाना या बेहोश हो जाना, सांस न लेना या फिर सांस लेने में बहुत ज्यादा कठिनाई होना, चिल्लाने या हिलाने पर व्यक्ति द्वारा कोई प्रतिक्रिया न देना, पल्स न मिलना आदि कार्डियक अरेस्ट के लक्षण हैं।

 
  कौन सी हार्ट संबंधी बीमारियां कार्डियक अरेस्ट का खतरा बढ़ाती हैं?  
   

कोरोनरी हार्ट डिजीज, दिल की धड़कन का अनियमित होना, हार्ट अटैक, एनजाइना, जन्मजात हृदय रोग, हार्ट इंफ्लेमेशन, हार्ट फेलियर ये कुछ ऐसी गंभीर बीमारियां है, जिसमें दिल बहुत ज्यादा कमजोर हो जाता है। इसके कारण व्यक्ति को कभी भी सडेन कार्डियक अरेस्ट (Cardiac Arrest Meaning in Hindi) हो सकता है।

 

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