पीरियड में संबंध बनाने से प्रेग्नेंट हो सकते हैं! ये संभव है, जानिए क्यों?

 


पीरियड में संबंध बनाने से प्रेग्नेंट हो सकते हैं, ये कहना गलत नहीं होगा। ऐसा बिल्कुल संभव है लेकिन क्या आप जानते हैं क्यों? इस सवाल का जवाब जानने के लिए सबसे पहले आपको मेंस्ट्रुअल साइकिल और इससे जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातों को समझना होगा।


मेंस्ट्रुअल साइकिल के बारे में जानें (Ref)

मेंस्ट्रुअल साइकिल को आम भाषा में मासिक धर्म चक्र भी कहते हैं। आमतौर पर महिलाओं के मेंस्ट्रुअल साइकिल की अवधि 28 दिनों की होती है लेकिन कुछ महिलाओं में ये अवधि लंबी तो कुछ में छोटी भी हो सकती है। ऐसा होना बिल्कुल सामान्य है। 

महिलाओं में मेंस्ट्रुअल साइकिल की अवधि अलग-अलग होने के कारण क्या हैं?

पीरियड में संबंध बनाने से प्रेग्नेंट हो सकते हैं, इसके कारणों में मेंस्ट्रुअल साइकिल की अवधि भी शामिल है। ऐसी कई महिलाएं हैं, जिनके मेंस्ट्रुअल साइकिल की अवधि छोटी होती है और उनका ओव्यूलेशन भी जल्दी शुरू हो जाता है। ऐसे में बिना कॉन्डम या गर्भनिरोधक के इस्तेमाल के पीरियड में संबंध बनाया जाये तो महिला बिल्कुल प्रेगनेंट हो सकती है। हर महिला में मेंस्ट्रुअल साइकिल का समय अलग-अलग होता है और ऐसे कई कारण हैं जो इस साइकिल को प्रभावित करते हैं, जैसे-  (Ref)

  • स्तनपान 
  • गर्भावस्था
  • ईटिंग डिसऑर्डर 
  • वजन कम करना 
  • अत्यधिक व्यायाम करना
  • पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस)
  • पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज (पीआईडी)
  • यूटेराइन फाइब्रॉयड
  • एंडोमेट्रियोसिस

ऊपर बताये गए कारणों की वजह से किसी महिला का मेंस्ट्रुअल साइकिल छोटा तो किसी का लंबा भी हो सकता है। मासिक धर्म चक्र के इस उतार-चढ़ाव के कारण, एक महिला सैद्धांतिक रूप से किसी भी समय गर्भवती हो सकती है। इसलिए पीरियड में संबंध बनाने से प्रेग्नेंट हो सकते हैं, इस बात को नकारा नहीं जा सकता। 


पीरियड में प्रेगनेंसी से कैसे बचें?


अब अगर कोई कपल माता-पिता बनने की योजना नहीं बना रहे हैं, तो उन्हें सिर्फ आम दिनों में ही नहीं बल्कि पीरियड के दौरान संबंध बनाते वक्त भी आवश्यक प्रोटेक्शन का ख्याल जरूर रखना चाहिए। इसका मतलब ये है कि पीरियड में संबंध बनाते वक्त पुरुष कॉन्डम का और महिलाएं गर्भनिरोधकों का इस्तेमाल जरूर करें। ऐसा करने से कपल अनचाही प्रेगनेंसी के साथ-साथ पीरियड में संबंध बनाने के नुकसान जैसे - यौन संचारित रोग, योनि संक्रमण आदि से भी बच सकते हैं। पीरियड में संबंध बनाने से प्रेग्नेंट हो सकते हैं, इस तथ्य से इंकार नहीं किया जा सकता। इसलिए इन बातों का ध्यान जरूर रखें और खुद को आने वाली कई परेशानियों से बचाएं।





  महिलाओं का मासिक धर्म चक्र अलग-अलग क्यों होता है?  
   

हर महिला का मेंस्ट्रुअल साइकिल अलग-अलग होने के कई कारण हो सकते हैं। इन कारणों में शामिल होते हैं- पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस) पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज (पीआईडी), एंडोमेट्रियोसिस आदि।

 
  ओव्यूलेशन पीरियड में बदलाव आने का कारण क्या है?  
   

एक महिला का ओव्यूलेशन का समय उसके माहवारी आने के 12-14 दिन पहले शुरू होता है। अगर किसी कारणवश मेन्सट्रुअल साइकिल में उतार-चढ़ाव होता है, तो इससे महिला के ओव्यूलेशन के समय में भी बदलाव आ सकता है।

 

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