क्या आपकी त्वचा पर भी हैं सफेद दाग! जानें इसका कारण और इलाज

 

सफेद दाग


विटिलिगो को हिंदी में सफेद दाग कहते हैं जो कि त्वचा से संबंधित एक विकार है। आपने भी कुछ लोगों को जरूर देखा होगा जिनके चेहरे, हाथ या पैरों में सफेद दाग नजर आते हैं। 
दरअसल, यह एक पिगमेंटेशन विकार है, जिसमें मेलानोसाइट्स यानी कि त्वचा का रंग बदलने वाली कोशिकाएं नष्ट होने लगती हैं। आंकड़ों की मानें तो विश्व की जनसंख्या के लगभग 0.1-2% लोग इस बीमारी से पीड़ित हैं।



सफेद दाग के प्रकार

इस बारे में त्वचा रोग विशेषज्ञ, डॉ. जगदीश सकिया बताते हैं कि सफेद दाग (vitiligo) कुल 8 प्रकार के होते हैं। 


  1. विटिलिगो वलगरिस- यह शरीर के दोनों तरफ होता है। उदाहरण के तौर पर अगर एक हाथ में सफेद दाग हुआ है तो वह दूसरे हाथ में भी होगा।
  2. लिप टिप विटिलिगो- यह समस्या होठों के आसपास और अंगुली की नोंक पर होती है।
  3. एक्रो ओरीफिशियल विटिलिगो- इसमें कान, मुँह, मलद्वार और पेशाब के रास्ते में सफेद दाग होते हैं।
  4. म्यूकोसल विटिलिगो- यह सिर्फ मुँह और पेशाब के रास्ते में होता है।  
  5. केमिकल विटिलिगो- किसी प्रकार के केमिकल के इस्तेमाल से सफेद दाग हो सकता है जैसे हेयर डाई, लेटेक्स आदि।
  6.  किबनर विटिलिगो- किसी तरह की चोट लगने या जल जाने पर त्वचा में सफेद दाग होने लगते हैं।
  7. ट्राइक्रोम विटिलिगो- इसमें तीन रंगों का विटिलिगो होता है।
  8. ज़ोस्टरीफ़ॉर्म विटिलिगो- इसमें सफेद दाग शरीर के एक ही तरफ होता है। 

सफेद दाग के लक्षण

सफेद दाग अक्सर त्वचा पर पीले धब्बे के रूप में शुरू होता है जो धीरे-धीरे पूरी तरह से सफेद हो जाता है। इस बीमारी में पैच का मध्य भाग सफेद हो सकता है, जिसके चारों ओर पीली त्वचा हो सकती है। यदि त्वचा के नीचे रक्त वाहिकाएं हैं, तो पैच सफेद के बजाय थोड़ा गुलाबी भी हो सकता है। सफेद दाग में त्वचा में सूखापन जैसी असुविधा नहीं होती है लेकिन पैच पर कभी-कभी खुजली हो सकती है।

त्वचा के वे क्षेत्र जो सफेद दाग (Vitiligo Meaning in Hindi) से सबसे अधिक प्रभावित होते हैं, उनमें शामिल हैं:

  • मुँह और आँखें
  • उंगलियाँ और कलाई
  • आर्मपिट
  • गुप्तांग
  • मुँह के अंदर

यह कभी-कभी वहां भी विकसित हो सकता है जहां बालों की जड़ें हों, जैसे कि स्कैल्प पर। इसके अलावा त्वचा में मेलेनिन की कमी से प्रभावित क्षेत्र के बाल सफेद या ग्रे हो सकते हैं।


सफेद दाग होने के क्या कारण हैं?

सफेद दाग त्वचा में मेलेनिन नामक रंगद्रव्य की कमी के कारण होता है। मेलेनिन का उत्पादन मेलानोसाइट्स नामक त्वचा कोशिकाओं द्वारा किया जाता है, जो त्वचा को उसका रंग देता है। इस बीमारी में त्वचा में मेलेनिन का उत्पादन करने के लिए पर्याप्त मेलानोसाइट्स नहीं होते हैं, जिसकी वजह से त्वचा या बालों पर सफेद धब्बे विकसित हो जाते हैं।


सफेद दाग के रिस्क फैक्टर्स

कई ऐसे रिस्क फैक्टर्स हैं जो व्यक्ति में गैर-सेगमेंटल विटिलिगो विकसित होने का खतरा बढ़ा सकते हैं, जैसे- 

1. अगर परिवार के किसी सदस्य को यह बीमारी है तो आने वाली पीढ़ी को भी सफेद दाग हो सकता है।

2. अगर परिवार में ऑटोइम्यून बीमारियों का इतिहास रहा है, उदाहरण के लिए यदि माता-पिता में से किसी एक को घातक एनीमिया है (एक ऑटोइम्यून स्थिति जो पेट को प्रभावित करती है) तो यह सफेद दाग का कारण बन सकती है।

3. मेलेनोमा (एक प्रकार का त्वचा कैंसर) या नॉन-हॉजकिन लिंफोमा (लसीका प्रणाली का कैंसर) से विटिलिगो (Vitiligo in hindi) हो सकता है।


कुछ स्थितियों से ट्रिगर हो सकता है सफेद दाग


यह संभव है कि विटिलिगो कुछ विशेष घटनाओं से उत्पन्न हो सकता है, जैसे:

  • तनावपूर्ण घटनाएँ जैसे प्रसव
  • सनबर्न या त्वचा में चोट लगना
  • शरीर में हार्मोनल परिवर्तन जैसे प्यूबर्टी
  • लीवर या किडनी की समस्या
  • कुछ रसायनों के संपर्क में आना

सफेद दाग का निदान

व्यक्ति को किसी भी उम्र में विटिलिगो हो सकता है। हालांकि, यह आमतौर पर 20 से 30 वर्ष की आयु के बीच दिखाई देता है। यह बचपन में भी हो सकता है। जब मरीज इसके निदान के लिए चिकित्सक के पास जाते हैं तो डॉक्टर पारिवारिक इतिहास के बारे में पूछते हैं और शारीरिक परीक्षण करते हैं, खासकर त्वचा का।

डॉक्टर काली रोशनी का भी उपयोग कर सकते हैं, जो त्वचा पर चमकने वाली एक पराबैंगनी रोशनी होती है। इससे रंगहीन त्वचा की पहचान करने में मदद मिलती है।


सफेद दाग का इलाज

सफेद दाग के कारण होने वाले सफेद धब्बे आमतौर पर स्थायी होते हैं। हालांकि, उनकी उपस्थिति को कम करने के लिए उपचार के कुछ विकल्प उपलब्ध हैं। यदि त्वचा पर पैचेस छोटे हैं, तो उन्हें ढकने के लिए कैमोफ्लेज क्रीम का उपयोग किया जा सकता है।

कुछ रंगद्रव्य को बहाल करने के लिए त्वचा पर स्टेरॉयड क्रीम का भी उपयोग किया जा सकता है। हालांकि, लंबे समय तक इसके उपयोग से त्वचा पर खिंचाव के निशान नजर आ सकते हैं और त्वचा पतली हो सकती है।

अगर सफेद दाग के इलाज में स्टेरॉयड क्रीम काम नहीं करती हैं, तो इसके उपचार में फोटोथेरेपी (प्रकाश से उपचार) प्रक्रिया का उपयोग भी किया जा सकता है।


सफेद दाग से हो सकती हैं कुछ और परेशानियां

सफेद दाग कभी-कभी अन्य समस्याओं का कारण भी बन सकता है। मेलेनिन की कमी के कारण त्वचा सूरज के प्रभाव के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाती है। ऐसे में व्यक्ति के लिए यह सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है कि वो धूप में निकलने से पहले एक अच्छे और कारगर सनस्क्रीन का इस्तेमाल करे वरना उसे सनबर्न का सामना करना पड़ सकता है।

कुछ मामलों में सफेद दाग आंखों की समस्याओं से भी जुड़ा हो सकता है, जैसे कि आईरिस की सूजन या आंख की मध्य परत की सूजन (यूवाइटिस)। इस बीमारी का असर सुनने की क्षमता पर पड़ सकता है या इससे स्किन कैंसर का खतरा भी बढ़ सकता है। विटिलिगो से पीड़ित लोगों में आत्मविश्वास की कमी होना भी आम है। खासकर अगर चेहरे या हाथों की त्वचा में यह परेशानी हो जाये तो व्यक्ति दूसरों के सामने जाने से थोड़ा कतराने लगता है। 


निष्कर्ष (Conclusion)

अगर आप भी सफेद दाग से परेशान हैं तो घबराएं नहीं। बिना देरी किये त्वचा रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें और आवश्यक जाँच कराएं। 


Reference


1. HANAN M SALEH MD, M.A.E. and AHMED, Y., 2021. Serum Level of Vitamin B12 in Patients with Vitiligo and its Potential Role as a Disease Biomarker. The Medical Journal of Cairo University, 89(December), pp.2953-2958. (Accessed: 29 November 2023).


2. Sakhiya, J., सफेद दाग (vitiligo) कितने प्रकार के होते हैं? DocTube. Available at: (Accessed: 29 November 2023).


3. NHS, 2023. Vitiligo Available at (Accessed: 29 November 2023).


4. Gathers, R. C., 2023. Vitiligo: What is it, symptoms, treatment, causes, and more, Medical News Today. MediLexicon International. Available at: (Accessed: 29 November 2023).


FAQ

  सफेद दाग होने के क्या कारण हैं?  
   

सफेद दाग त्वचा में मेलेनिन नामक रंगद्रव्य की कमी के कारण होता है। ऐसी अवस्था में त्वचा या बालों पर सफेद धब्बे विकसित हो जाते हैं।

 
  क्या सफेद दाग आनुवंशिक होता है?  
   

अगर परिवार के किसी सदस्य को सफेद दाग की परेशानी रही है, तो इसका असर आने वाली पीढ़ी पर भी देखा जा सकता है।

 

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